धर्मशाला। जिला कांगड़ा क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान डॉ. राजेश सूद जिला स्वास्थ्य और क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी ने बताया कि जिले में टीबी के रोगी की पहचान के बाद इलाज सफलता की दर लगभग 86 प्रतिशत है। व्यस्क टीबी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 16 जुलाई तक लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि प्रत्येक माह एक रविवार को 32 जोखिमपूर्ण आबादी में टीबी रोग का पता लगाने लिए आशा कार्यकर्ताओं की ओर से अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 14,190 लोगों की जांच की जा चुकी है। ब्लाॅक स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों, सीएचओ को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जिले में टीबी के साथ जी रहे 1,223 लोगों को पोषण आहार किटें वितरित की गईं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जिला कांगड़ा में संडे एसीएफ के तहत 14,190 लोगों की स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गई है। जिला स्वास्थ्य और क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि जिले में 270 सीएचओ की ओर से 1,265 क्षय रोग से जुड़ी जांच करवाई गई, जबकि आयुर्वेदिक संस्थानों में 128 लोगों की बलगम जांच करवाई गई, जिनमें दो लोगों में टीबी का लक्षण पाया गया। वहीं, निजी संस्थानों में की गई जांच में 71 में से तीन लोगों में लक्षण पाए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल वार्ड में दाखिल 614 मरीजों जांच में 27 लोगों में टीबी लक्षण पाए गए हैं। इसमें जिला स्वास्थ्य क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी डॉ. राजेश सूद, डॉ. आत्मिका नायर और डॉ. कामेश परामर्शदाता विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिला के खंड चिकित्सा अधिकारी, फार्मेसी अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और उनके सहयोगी स्टाफ सहित जिला क्षय केंद्र धर्मशाला के कर्मचारियों ने भाग लिया।