नाग मंदिर, रक्कड़ में चल रही शिव महापुराण में उपस्थित संगत। स्रोत: आयोजक
रक्कड़ (कांगड़ा)। भगवान सदाशिव की साधना से सद्य फल की प्राप्ति होती है। भगवान विश्वेश्वर अपने भक्तों को भोग और मोक्ष एक साथ प्रदान करते हैं, जबकि सामान्यत: दोनों का साहचर्य नहीं देखा जाता। जहां भोग है वहां मोक्ष नहीं, जहां मोक्ष है वहां भोग नहीं रहता है। फिर भी शिव उपासक के लिए दोनों एक साथ सुलभ हैं। यह अमृत वचन शिव महापुराण कथा महोत्सव के सप्तम दिवस में परम अतुल कृष्ण महाराज ने नाग मंदिर रक्कड़ में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म के लिए शिव पद की प्राप्ति ही साध्य है। भक्तिपूर्वक की गई शिव पूजा, मनुष्यों को पुनर्जन्म से छुटकारा दिला देती है। शुक्रवार को कथा में भीमाशंकर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश, रामेश्वर एवं घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंगों की महिमा को लोगों ने सुना।