शाहपुर के वीर सपूत सूबेदार मेजर पवन जरियाल के माता-पिता अपने बेटे की तस्वीर के साथ।-जागरुक पाठक
बेटे को मरणोपरांत 15 जनवरी 2026 को राजस्थान में मिला है सेना मेडल
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। केंद्र सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह सैन्य कर्मियों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 'रोल ऑफ ऑनर' सूची में सार्वजनिक किए जाने के बाद बलिदानी सूबेदार मेजर पवन कुमार जरियाल के परिजनों ने कहा कि उन्हें पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि उनके बेटे ने इसी अभियान में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
बलिदानी के पिता सेवानिवृत्त हवलदार गरज सिंह ने बताया कि परिवार को पहले ही इसकी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को मरणोपरांत 15 जनवरी 2026 को राजस्थान में सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था। अब केंद्र सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के बलिदानियों के नाम सार्वजनिक किए जाने से पूरे परिवार को अपने बेटे के बलिदान पर गर्व है।
उल्लेखनीय है कि मई 2025 में भारत ने आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से उन छह सैन्य कर्मियों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 'रोल ऑफ ऑनर' सूची में शामिल किए हैं, जिन्होंने इस अभियान के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसे ऑपरेशन सिंदूर की शहादतों की पहली औपचारिक सार्वजनिक स्वीकृति माना जा रहा है।