कांगड़ा जिले में 120 पेयजल स्कीमों में 25 फीसदी कम हुआ पानी
जलशक्ति विभाग के उत्तरी क्षेत्र में चल रही हैं 665 परियोजनाएं
कम बारिश और बर्फबारी के कारण जलस्तर में आई गिरावट
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। इस बार सर्दी के मौसम में कम बारिश और बर्फबारी के कारण पेयजल स्रोत सूखने की संभावना बन गई है। इसे देखते हुए जलशक्ति विभाग पानी की समस्या के समाधान के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। उत्तरी क्षेत्र कांगड़ा में विभाग के अधीन करीब 665 पेयजल योजनाएं हैं, इनमें से 120 योजनाओं में जलस्तर 25 फीसदी तक कम हो चुका है। अगर आने वाले दिनों में भी बारिश और बर्फबारी नहीं हुई तो लोगों को पेयजल के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।
जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को भी लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं। विभाग के अधिकारी अभी से ही वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने की प्रक्रिया में जुट गए हैं। विभाग के सभी डिवीजनों के तहत अधिकारी फील्ड में निकलकर पेयजल स्रोतों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि हर हफ्ते पानी के स्तर में कितनी गिरावट आ रही है। वहीं अगर धर्मशाला जिला मुख्यालय की बात करें तो डिवीजन के तहत 38 पेयजल योजनाएं हैं। यहां भी कई पेयजल योजनाओं का जलस्तर नीचे पहुंच गया है। नगर निगम के गमरू वार्ड की पेयजल स्कीम में पानी कम होने के चलते अब इस वार्ड को नड्डी से पेयजल आपूर्ति प्रदान की जा रही है। हालांकि गत दिवस बारिश और हल्की बर्फबारी से विभाग को काफी राहत मिली है, लेकिन विभाग का मानना है कि अभी तक पर्याप्त मात्रा में पहाड़ों पर बर्फबारी नहीं हुई है, जो कि चिंता का विषय है। गर्मियों में पानी की किल्लत हो सकती है।
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पर्यटन नगरी धर्मशाला में टैंकरों से मंगवाया जा रहा पानी
पर्यटन नगरी धर्मशाला और मैक्लोडगंज में अभी से पानी की किल्लत शुरू हो गई है। कई जगह टैंकरों से पानी मंगवाया जा रहा है। मांझी खड्ड के समीप रोजाना कई टैंकर पानी लेने पहुंच रहे हैं।
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अभी तक तो हालात सामान्य हैं। उत्तरी क्षेत्र में करीब 665 पेयजल योजनाएं हैं। लेकिन 120 पेयजल योजनाओं में 25 फीसदी तक गिरावट आई है। फिर भी विभाग लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है।
-दीपक गर्ग, मुख्य अभियंता, जलशक्ति विभाग, उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला
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