परागपुर (कांगड़ा)। बलाहर और मसोट गांवों का देहरा से निकाल कर परागपुर तहसील में विलय भले ही 13 अगस्त को सरकारी अधिसूचना के माध्यम से किया जा चुका हो, लेकिन ग्रामीण अभी भी अपनी समस्याओं में फंसे हुए हैं। लोगों का राजस्व और अन्य प्रशासनिक काम न तो देहरा तहसील में निपट रहा है और न ही परागपुर तहसील में।
ग्रामीणों का कहना है कि विलय की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण फाइलें लंबित हैं। इसके चलते ग्रामीणों को बार-बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ रहा है और समय व पैसे दोनों का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि विलय प्रक्रिया को लंबा खींचने के बजाय शीघ्र पूरी कर दी जाए और परागपुर तहसील कार्यालय में सभी सुविधाएं नियमित रूप से शुरू की जाएं।
इस मामले पर तहसीलदार परागपुर चिराग शर्मा ने बताया कि दोनों गांवों का परागपुर तहसील में विलय का पत्र एसडीएम कार्यालय भेज दिया गया है। कुछ ही दिनों में परागपुर तहसील में बलाहर और मसोट के सभी राजस्व कार्य निपटने लगेंगे। वहीं, एसडीएम देहरा कुलवंत सिंह पोटन ने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया जारी है और जैसे ही दोनों गांवों की नई आईडी तैयार होगी, परागपुर तहसील कार्यालय में इनके सभी प्रशासनिक कार्य नियमित रूप से होने लगेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि विलय की प्रक्रिया में तेजी लाकर जल्द ही सभी कार्य शुरू किए जाएं, ताकि उन्हें बार-बार तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़े और प्रशासनिक काम सुचारू रूप से संपन्न हो।