कांगड़ा। नंदरूल पंचायत के ग्रामीणों ने लगभग 20 वर्षाें से लगातार पंचायत में महिला सीट रिजर्व होने का विरोध किया है। लोगों का कहना है कि अगर इस बार भी सीट रिजर्व हुई, तो इसके विरोध में प्रदर्शन करेंगे।
इस संबंधी पंचायत के उपप्रधान और अन्य लाेगाें ने कहा कि इस बार पंचायत में महिला सीट रिजर्व नहीं चाहिए, पंचायत में ओपन सीट हाेनी चाहिए, ताकि लाेगाें काे चुनाव लड़ने का माैका मिल सके। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस बार नंदरूल पंचायत की सीट काे रिजर्व न कर ओपन ही रखा जाए।
स्थानीय लाेगाें में संदीप, शुभम, जगदीग, रविंद्र, रमेश चंद, चुनी लाल, बिहारी लाल, ओम प्रकाश, राकेश कुमार, मंगतराम, जाेगिंद्र, कांता देवी आदि गांववासियाें ने कहा कि अगर इस बार भी पंचायत में सीट काे रिजर्व कर दिया गया, ताे इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 वर्षाें से पंचायत में विकास शून्य के बराबर हुआ है।
प्रधान पद की ओपन सीट नहीं हुई, तो करूंगा भूख हड़ताल : उपप्रधान
नदरूल पंचायत के उपप्रधान संजीव कुमार का कहना है कि पंचायत में प्रधान पद की सीट 20 वर्षाें से लगातार महिला सीट है। इस संबंध में मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, उपायुक्त, एसडीएम कांगड़ा और पंचायत राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह को लिखित में पत्र दिया है कि अगर इस बार नंदरूल पंचायत में प्रधान पद की ओपन सीट नहीं हुई, तो मैं अपने साथियाें के साथ कांगड़ा में भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा।