फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: शातिरों ने अब एआई तकनीक को बनाया ठगी का हथियार

विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशाला। शातिरों ने अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक को साइबर ठगी के लिए हथियार बना लिया है। फर्जी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर लोगों से राशि लगाने के लिए शातिर नामी चेहरों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। इस तकनीक से बनने वाले वीडियो असली लगने के कारण इनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। वीडियो में नामी चेहरों का सहारा लेकर ठग अपने फर्जी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर निवेश करवाने के लिए उकसा रहे हैं। इसमें ठगों की ओर से इन फर्जी विज्ञापनों के माध्यम से लुभावने और दोगुणा रिटर्न देने का प्रलोभन दिया जा रहा है।
विज्ञापन

एआई तकनीक को सहारा बनाकर पहले ठग परिचितों की आवाज में फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से ठगी के मामलों को अंजाम दे रहे थे। इस तरह के मामले साइबर पुलिस थाना में भी दर्ज हुए थे। इसमें लोगों से आपात स्थिति में होने का हवाला देकर राशि ऐंठी जा रही थी। अब शातिरों ने इसी तकनीक से टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों की तरह फर्जी विज्ञापन के वीडियो नामी चेहरे पर बनाने शुरू कर दिए हैं। एएसपी साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला प्रवीण धीमान ने बताया कि एआई तकनीक को जटिलताओं को आसान करने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन इसका इस्तेमाल शातिरों की ओर से ठगी के लिए भी किया जा रहा है। पहले वाॅयस कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से राशि ऐंठी जाती थी, लेकिन अब इसी तकनीक के माध्यम से नामी चेहरों का सहारा लेकर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के विज्ञापन बनाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर चलने वाले ऐसे विज्ञापनों, जिनमें दोगुणा रिटर्न अथवा लुभावने दामों पर उत्पाद बेचने की बात कही जा रही है, उनकी प्रमाणता को अवश्य जांचना चाहिए। ऐसे विज्ञापनों पर विश्वास कर राशि निवेश करना या उत्पाद मंगवाने से ठगी का शिकार हो सकते हैं। सोशल मीडिया में देखे विज्ञापनों के झांसे में आकर राशि निवेश करने की शिकायतें पहुंच रही हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें