कृषि विवि में पशु अधिकारियों को प्रमाण देते मुख्यातिथिस्त्रोत विवि
पालमपुर (कांगड़ा)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के पशु रोग विज्ञान विभाग की ओर से राज्य के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए दो प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए।
इनका उद्देश्य फील्ड पशु चिकित्सकों की क्षमता बढ़ाकर प्रदेश में पशु स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार करना था। ये प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)-राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार से वित्तपोषित परियोजना के तहत आयोजित किए गए।
परियोजना का उद्देश्य कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों के अनुसूचित जाति समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए अश्व आधारित पशुपालन पद्धतियों में वैज्ञानिक उन्नति को बढ़ावा देना है। दोनों प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में तीनों जिलों के कुल 30 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान डॉ. विनोद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के आयोजन के लिए पशु रोग विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना की। महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. पंकज सूद ने प्रतिभागियों को अपने नियमित क्षेत्रीय कार्यों में नवीनतम निदान विधियों और वैज्ञानिक प्रगति को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पशु रोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. आरडी पाटिल ने अश्व पालकों के लाभ के लिए विभाग की ओर से संचालित परियोजना गतिविधियों और प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. राकेश कुमार व सह-पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. सोनाली मिश्रा ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।