धर्मशाला। विश्व टीकाकरण सप्ताह पर धर्मशाला अस्पताल के सभागार में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी ने की, जबकि संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सूद के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यशाला में सीएमओ डॉ. गुलेरी ने कहा कि टीकाकरण मानव स्वास्थ्य की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। पिछले 50 वर्षों में आवश्यक टीकों के माध्यम से 15.4 करोड़ से अधिक जीवन बचाए गए हैं। इसके साथ ही शिशु मृत्यु दर में 40 फीसदी तक कमी आई है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे टीकाकरण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि कोई भी बच्चा या वयस्क आवश्यक टीकों से वंचित न रहे।
डॉ. आरके सूद ने बताया कि हिमाचल में वर्ष 2023-24 में 84.87 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज दर्ज किया गया। राज्य में चेचक, पोलियो और नवजात धनुर्वात जैसी बीमारियों का सफलतापूर्वक उन्मूलन कर लिया गया है। अब अगला लक्ष्य प्रदेश से खसरा और रूबेला का उन्मूलन करना है।
धर्मशाला में पहली बार प्रशिक्षण कार्यक्रम संशोधित मेडिकल ऑफिसर एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैंडबुक 2024 और समावेशी नियमित टीकाकरण और माइक्रो-प्लानिंग पर आधारित रहा। इसमें भवारना, डाड़ासीबा, फतेहपुर, गोपालपुर, इंदौरा, ज्वालामुखी और नूरपुर खंडों से बीएमओ, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक और चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को नियमित टीकाकरण के अद्यतन दिशा-निर्देशों, माइक्रो-प्लानिंग, सर्वेक्षण और नई वैक्सीन से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई। प्रमुख संसाधन व्यक्तियों में एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुमित शर्मा, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. उषा किरण, बीएमओ डॉ. रूबी भारद्वाज, डॉ. नितिश मनहास, डॉ. महिमा कौल और यूएनडीपी से अविनाश एवं शुभम शामिल रहे।