धर्मशाला। पशुओं में तेजी से फैलने वाले खुर-मुंह रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग मुस्तैद है। विभाग ने रोग की रोकथाम के लिए टीकाकरण का कार्य पूरा कर लिया है। जिले में अप्रैल से ही पहले चरण में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया था। अब दूसरे चरण की वैक्सीनेशन सितंबर-अक्तूबर में की जाएगी। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक दुधारू और अन्य पालतू पशुओं को रोग से सुरक्षित करना है।
अधिकारियों के अनुसार यह रोग पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता पर असर डाल सकता है। यह टीका पशुओं को हर 6 माह बाद लगता है। विशेषकर गर्मियों और मानसून की शुरुआत से पहले, क्योंकि इस मौसम में वायरस तेजी से फैलता है। विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि सितंबर-अक्तूबर में शुरू होने वाले दूसरे चरण के दौरान सभी पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। टीकाकरण निशुल्क किया जाएगा। विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर यह अभियान चलाएंगी।
खुर-मुंह रोग के लक्षण
- पशुओं के मुंह से लार टपकना
- मुंह और खुरों में छाले
- बहुत तेज बुखार आना
- पशुओं में लंगड़ापन
-
लक्षण दिखने पर क्या करें
- संक्रमित पशु को तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग बांधें
- पशु के मुंह के छालों को फिटकरी के पानी से और खुरों के घावों को साफ लाल पोटाश (पोटेशियम परमैंगनेट) के घोल से धोएं
- अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सा केंद्र या औषधालय में तुरंत सूचित करें
पशुओं में खुर-मुंह रोग तेजी से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए जिले में बरसात में पहले ही वैक्सीनेशन कार्य पूरा कर लिया गया है। बरसात के दौरान रोग न फैले इस पर नजर रखी जाएगी। दूसरे चरण की वैक्सीनेशन सितंबर-अक्तूबर में होगी। -सीमा गुलेरिया, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग