धर्मशाला। मैक्लोडगंज में निर्वासित तिब्बती संसद के सत्र के आखिरी दिन एक अमेरिकी की नागरिकता हासिल कर चुकी तिब्बती मूल की महिला ने खूब हंगामा किया। उसने मैक्लोडगंज में तिब्बती सांसद की गाड़ी को रोकने का प्रयास करते हुए अपना विरोध प्रकट किया, लेकिन मौके पर तैनात निर्वासित तिब्बती प्रशासन और हिमाचल पुलिस के जवानों ने महिला को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। यह महिला अमेरिका से यहां टूरिस्ट वीजा पर आई हुई है और कुछ अन्य तिब्बती मूल के लोगों के साथ मिलकर पिछले एक सप्ताह से मैक्लोडगंज में सीटीए के नजदीक विरोध प्रदर्शन कर रही थी। यह प्रदर्शनकारी निर्वासित तिब्बती संसद के सामने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की ओर से पारित कुछ कानूनों का विरोध कर रहे थे। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने करीब एक सप्ताह पूर्व ही प्रदर्शनकारियों को बास्केटबाल मैदान आवंटित कर अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति दी थी।
दलाई लामा को धमकी देने के मामले की हो जांच
धर्मशाला। निर्वासित तिब्बती सरकार ने संसद में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को वीडियो के माध्यम से मिली धमकी के संदर्भ में कड़ा संज्ञान लिया और सुरक्षा एजेंसियों से मामले की जांच की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक धमकी देने वाला व्यक्ति भी तिब्बती मूल का लग रहा है, जिसने वीडियो में कहा कि चीन और धर्मगुरु दलाई लामा की वजह से तिब्बत को आजादी नहीं मिल रही। निर्वासित तिब्बती सांसद मिंग्युर दोरजे, सांसद सेरिंग ल्हामो और निर्वासित तिब्बत सरकार के सुरक्षा विभाग की मंत्री ग्यारी डोलमा ने इस धमकी भरे वीडियो पर संज्ञान लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि अमेरिका में रहने वाली एक तिब्बती मूल की महिला ने निर्वासित तिब्बत सरकार के एक सांसद को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे ऐसा करने से रोक दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि तिब्बती प्रशासन की ओर से अभी तक इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। इसके चलते पुलिस ने संबंधित महिला को छोड़ दिया।