दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति को थाल भेंट करते कुलपति प्रो. बंसल। संवाद
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की ए प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी के छात्रों को सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों किराये के भवन में मेडल मिले। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का सोमवार को सातवां दीक्षांत समारोह मनाया गया, लेकिन पिछले 15 वर्षों की तरह इस बार भी यह समारोह किराये के भवन में ही आयोजित हुआ। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश को मिले हुए 15 वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इस केंद्रीय विश्वविद्यालय का अपना स्थायी भवन नहीं बन पाया है।
हालांकि देहरा परिसर का काम शुरू हो चुका है, लेकिन धर्मशाला में बनने वाले परिसर के लिए प्रशासन जमीन ही तलाश रहा है। जो जमीन सीयू बनाने के लिए मिली भी है, उसकी क्लीयरेंस के लिए देय करीब 30 करोड़ की राशि को ही प्रदेश सरकार जमा नहीं करवा पाई है। पिछले 15 साल में सीयू के नाम पर धर्मशाला में मात्र शिलान्यास का पत्थर ही लगा है, जबकि देहरा में निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 15 अगस्त, 2007 को उन सभी राज्यों में एक-एक केंद्रीय विवि बनाने की घोषणा की थी, जहां बड़े उच्च शिक्षण संस्थान नहीं थे। केंद्रीय विवि अधिनियम 2009 के तहत राष्ट्रपति ने 20 मार्च, 2009 को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि को स्वीकृति दी थी। विवि के लिए देहरा में दक्षिण परिसर और धर्मशाला के पास जदरांगल में उत्तरी परिसर बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
देहरा कैंपस में 115 हेक्टेयर भूमि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद निर्माण के लिए विवि को यह भूमि हस्तांतरित कर दी गई है। यहां कैंपस का निर्माण कार्य करीब 70 फीसदी हो चुका है, लेकिन धर्मशाला में भवन निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं लग पाई है। इसके चलते केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश धर्मशाला, देहरा और शाहपुर में तीन जगह किराये के भवनों में चल रहा है, लेकिन केंद्रीय विवि को नैक की टीम से ए प्लस ग्रेड प्राप्त है। सीयू के पास ए प्लस ग्रेड होने के बावजूद उसे अपना सातवां दीक्षांत समारोह किराये के भवन में करवाना पड़ रहा है। मौजूदा समय में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में यूजी, पीजी और पीएचडी की पढ़ाई के साथ-साथ कई सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाए जाते हैं, लेकिन इन सभी पढ़ाई किराये के भवनों से होती है।