धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश बेरोजगार युवा संघ ने नियुक्ति के दो वर्षों के बाद दक्षता परीक्षा से नियमितीकरण की नई सरकारी नीति का कड़ा विरोध किया है। संघ के राज्य संयोजक श्रेय अवस्थी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर इस निर्णय को प्रदेश के युवाओं के साथ विश्वासघात करार देते हुए फैसला रद्द करने की मांग की है।
अवस्थी ने कहा कि पहले ही प्रदेश में सरकारी भर्तियों की गति बेहद धीमी है। पिछले तीन साल से आयोग का गठन न होने और चयन प्रक्रिया में निजी कंपनियों से करार में देरी के चलते युवाओं को बार-बार निराशा झेलनी पड़ी है। अब नियुक्ति के बाद दोबारा दक्षता परीक्षा देने की शर्त ने युवाओं का मनोबल तोड़ दिया है।
उन्होंने सवाल उठाया हुए कहा कि क्या यह नीति सभी श्रेणियों की सरकारी नौकरियों में लागू होगी या केवल तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को निशाना बनाया गया है। संघ ने इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश का युवा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।