परागपुर (कांगड़ा)। क्षेत्र के छड़ोल में पर्यटन विभाग के नाम हो चुकी 332 कनाल भूमि के उपयोग को लेकर असमंजस बना हुआ है। एक ओर इस भूमि पर अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स बनाने की योजना है, वहीं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय यहां बीएएमएस, लॉ और प्रबंधन कॉलेज खोलना चाहता है।
अब क्षेत्रवासियों को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के 29 अगस्त को जसवां-परागपुर दौरे के दौरान इस मामले में निर्णय की उम्मीद है। नियमों के अनुसार 18 होल वाले अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स के लिए करीब 700 कनाल भूमि की जरूरत होती है।
स्थानीय लोग निजी भूमि के लिए अधिक मुआवजे की मांग कर रहे थे। इसके चलते पर्यटन विभाग भूमि खरीद नहीं सका और गोल्फ प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। अब 332 कनाल भूमि पर्यटन विभाग के नाम हो चुकी है। इसे केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को देने के लिए प्रदेश कैबिनेट की एनओसी की आवश्यकता होगी।
इसी मामले को लेकर हिम कोफेड के चेयरमैन विक्रम शर्मा डिक्की दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के मुख्यालय में उपकुलपति और कुलसचिव से बैठक कर चुके हैं। विश्वविद्यालय की ओर से इस भूमि पर बीएएमएस, लॉ और प्रबंधन कॉलेज खोलने की योजना बताई गई है।
क्षेत्र निवासी मनोज, दिनेश, अक्षय, अजय, संजीव, प्रदीप, मनीष, रजत, कपिल, विजय, कुशल और अश्वनी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भूमि का उपयोग क्षेत्र के हित में हो और लंबे समय से अटकी विकास की योजना जल्द सिरे चढ़े।