धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) मंडल धर्मशाला निर्धारित समयावधि पूरी कर चुकीं बसों को नष्ट करेगा। मंडल के अंतर्गत आने छह डिपो में 24 बसों को नष्ट करने के लिए निगम प्रबंधन ने चिह्नित कर आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बसों के संचालन के लिए 15 वर्ष निर्धारित है। 15 साल पूरे होने के बाद इन बसों को रूटों पर नहीं चलाया जा रहा है और बस डिपो के अड्डों पर खड़ी हैं।
जानकारी के अनुसार मंडल धर्मशाला के अंतर्गत आने वाले सात बस डिपो में 722 बसों का बेड़ा है। इनमें से 31 अक्तूबर 2024 तक छह डिपो के अंतर्गत 24 बसें 15 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं। इनमें धर्मशाला और पालमपुर डिपो के तहत सात-सात, चंबा डिपो में चार, पठानकोट और जोगिंद्र नगर में एक-एक बस को नष्ट किया जाएगा। इसके अलावा जसूर स्थित एचआरटीसी वर्कशॉप की चार बसों को भी नष्ट किया जाएगा। बैजनाथ और नगरोटा बगवां डिपो में कोई भी बस 15 साल पुरानी नहीं है।
बसों के हटाने से प्रभावित हो रहे रूट
केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार 15 वर्ष पूरी कर चुकी बसों को सड़कों से हटाने के निर्देशों के बाद निगम प्रबंधन ने यह प्रक्रिया शुरू की है। इसके बाद समयावधि पूरी कर चुकी कुछ बसों को रूटों पर नहीं भेजा जा रहा है। इस कारण रूट भी प्रभावित हो रहे हैं। इनमें जिला कांगड़ा के पालमपुर से जयसिंहपुर वाया धुपक्यारा रूट भी शामिल है। नियमित बस न चलने से क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किस डिपो में हैं कितनी बसें
एचआरटीसी मंडल धर्मशाला के अंतर्गत वर्तमान में चंबा डिपो से 53 बसों का संचालन हो रहा है। पालमपुर से 115, धर्मशाला से 130, पठानकोट से 112, जोगिंद्रनगर से 53, बैजनाथ से 69 और नगरोटा बगवां से 88 बसें विभिन्न रूट पर चल रही हैं।
एचआरटीसी मंडल धर्मशाला के अंतर्गत वर्तमान में 722 बसों को संचालन विभिन्न डिपो के अंतर्गत किया जा रहा है। डिपो में 15 वर्ष का समय पूरी कर चुकी 24 बसों को नष्ट करने के लिए चिह्नित किया गया है। इसके लिए आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
-पंकज चड़्डा, डीएम, एचआरटीसी मंडल धर्मशाला