कांगड़ा। कांगड़ा जिला में हर पंचायत में पांच राज मिस्त्रियों को भूकंप रोधी इमारतों के निर्माण में निपुण किया जाएगा। यह पहल जिले को आपदा के जोखिम से बचाने और भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है। यह जानकारी सडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने संयुक्त कार्यालय भवन कांगड़ा के सभागार में आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को हुई बैठक दी।
बैठक में उपमंडल स्तर पर इंटर एजेंसी ग्रुप बनाने और प्रत्येक पंचायत में डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी का गठन करने को लेकर चर्चा की गई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। एसडीएम ने कहा कि कांगड़ा जिला भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है। यहां आपदा प्रबंधन को लेकर आधारभूत सुविधाएं जुटाने के लिए दूरगामी प्लान तैयार करना होगा ताकि आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। 1905 में कांगड़ा घाटी के इतिहास में सबसे विनाशकारी और भयानक भूकंप आया था, जिसमें 20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी। बैठक में एसडीएम कांगड़ा सहित वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अल्पना, नायब तहसीलदार पविंदर पठानिया, को-ऑर्डिनेटर हरजीत भुल्लर, फूड इंस्पेक्टर अभिमन्यु, केशव शर्मा, राकेश कुमार, अनिल कुमार, सर्बजीत, हरजीत भुल्लर और संजय कुमार आदि मौजूद रहे।