धर्मशाला। पर्यटन सीजन में सुस्ती का असर धर्मशाला के होटल कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए निजी होटल संचालक कमरों पर 50 फीसदी तक की छूट दे रहे हैं। बावजूद इसके रविवार को होटलों की ऑक्यूपेंसी महज पांच फीसदी दर्ज की गई। लगातार खाली पड़े कमरों ने होटल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
होटल कारोबारियों का कहना है कि इस वर्ष मानसून के दौरान मौसम पिछले साल की तुलना में अधिक अनुकूल रहा है। फिर भी पर्यटकों की आमद उम्मीद के अनुरूप नहीं है। डिस्काउंट देने के बावजूद अधिकांश होटल खाली पड़े हैं। सामान्य तौर पर सप्ताहांत में 30 से 40 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी रहती थी लेकिन इस सप्ताह यह घटकर करीब 15 फीसदी रह गई।
पर्यटकों की कमी का असर केवल होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं है। टैक्सी संचालक, रेस्तरां, स्थानीय बाजार और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
-
वर्तमान में होटल कारोबारियों की ओर से कमरों की बुकिंग पर 50 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। बावजूद इसके ऑक्यूपेंसी काफी कम है। रविवार को भी केवल पांच फीसदी होटल ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। -विवेक महाजन, महासचिव, होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन, धर्मशाला