डरोह/कांगड़ा/रैत। मूसलाधार बारिश के बीच डरोह के बोदा में कच्चे मकान की दीवार ढह गई। इससे परिवार के तीन सदस्य मलबे के नीचे दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने निकाल लिया है। पुराना कांगड़ा में भी एक दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। मलबे की चपेट में आने से कार क्षतिग्रस्त हो गई। रैत की प्रेई पंचायत में तीन घरों की दीवारें और डंगे ढह गए है।
डरोह की सिहोल पंचायत के बोदा में सोमवार सुबह अचानक कच्चे मकान की दीवार ढह गई। हादसे में कमरे में मौजूद कृष्ण बहादुर (70), उनकी पत्नी देवा देवी (60) और रवि (20) मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
पंचायत प्रधान निवेदिता परमार ने अपनी गाड़ी से गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को भवारना अस्पताल पहुंचाया, जहां ऑक्सीजन स्तर गिरने पर उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वापस भवारना लाया गया है। उधर, पुराना कांगड़ा के वार्ड नंबर-1 में रविवार रात मूसलाधार बारिश के चलते राकेश वोहरा का दो मंजिला मकान भरभराकर गिर गया।
मकान का मलबा गिरने से बाजार में खड़ी एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और साथ लगते संजीव गुप्ता के मकान को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा ओल्ड एसडीएम कार्यालय कांगड़ा के पास हाई-वोल्टेज बिजली के तारों पर दो पेड़ गिर गए। इससे क्षेत्र में करीब दस घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। कांगड़ा शहर के जयंती विहार और बस अड्डे के आसपास नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर दुकानों व मकानों में घुस गया। सड़कों पर जलभराव के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मलबे में दबे बुजुर्ग को प्रधान ने पहुंचाया अस्पताल
बोदा में हुए हादसे में परिवार के मुखिया कृष्ण बहादुर काफी देर तक मलबे में दबे रहे। इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाया। करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो पंचायत प्रधान निवेदिता परमार ने अपने वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित परिवार बोदा में किराये पर रह रहा था। मकान ढहने के बाद पंचायत प्रधान ने प्रभावित परिवार को अपने घर में अस्थायी शरण दी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को दस हजार रुपये की फौरी राहत दी है।
पुराना कांगड़ा में रात को हुआ हादसा
पुराना कांगड़ा के वार्ड-1 में राकेश वोहरा का दो मंजिला भवन ढहने के दौरान रात का समय होने से बड़ा जानी नुकसान टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा दिन में होता तो बाजार में भीड़ के चलते भारी नुकसान हो सकता था। नगर परिषद अध्यक्ष सुमन वर्मा ने बताया कि पटवारी ने मौके का निरीक्षण किया है और पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक मदद दी जाएगी। विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता आदर्श भारद्वाज के अनुसार तारों पर पेड़ गिरने से बाधित हुई बिजली आपूर्ति को सुबह साढ़े नौ बजे तक बहाल कर दिया गया।
प्रेई में तीन घरों के डंगे ढहे, रास्तों को पहुंचा नुकसान
ग्राम पंचायत प्रेई में मूसलाधार बारिश से तीन मकानों की दीवारें और सुरक्षा डंगे ढह गए। कई स्थानों पर मलबा गिरने से पैदल व संपर्क रास्तों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया है। ग्राम पंचायत प्रधान सरोज चौधरी ने वार्ड सदस्यों के साथ रात में ही प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। प्रधान ने ग्रामीणों को रास्तों की तत्काल मरम्मत का आश्वासन दिया और कहा कि नुकसान का मामला विधायक, प्रशासन और सरकार के समक्ष उठाकर पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा।