नूरपुर (कांगड़ा)। स्थानीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डा. अवीरा बसु की अदालत ने वीरवार को एक मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए पठानकोट निवासी रफीक मोहम्मद, रशीद मोहम्मद और सलीम मोहम्मद को दोषी करार देते हुए तीनों को तीन-तीन साल की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सहायक जिला न्यायवादी केएस जरयाल ने बताया कि नूरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत सुखार में सरनूंह निवासी सावरा बीबी पत्नी बशीर मोहम्मद ने नूरपुर पुलिस थाने में 25 नवंबर 2007 को तीनों आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 325, 451 व 34 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोपियों रफीक मोहम्मद, रशीद मोहम्मद और सलीम मोहम्मद पर उसके घर में घुसकर बुरी तरह से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया था। जिसके चलते नूरपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज किया था।
इस मामले की सुनवाई करते हुए नूरपुर की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डा. अवीरा बसु की अदालत ने आईपीसी की धारा 451 के तहत तीनों दोषियों को दो-दो साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा आईपीसी की धारा 325 के तहत तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सहायक जिला न्यायवादी केएस जरयाल ने बताया कि इस मामले में दोनों सजाएं एक साथ चलने से दोषियों को तीन-तीन साल की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माना किया गया है।