ब्यास का जलस्तर बढ़ने से भोगरवां में क्षतिग्रस्त हुआ तीन मंजिला भवन। -स्रोत : जागरूक पाठक
डमटाल/रे/फतेहपुर (कांगड़ा)। पौंग बांध से पानी छोड़े जाने के बाद निचले क्षेत्रों में ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। मंड भोगरवां (हालेड) में पानी की चपेट में आने से एक तीन मंजिला भवन क्षतिग्रस्त हो गया। शुक्रवार रात पानी के बहाव से भवन का एक पिलर गिर गया था, जबकि शनिवार सुबह दूसरा पिलर भी ढह गया।
अब भवन तीसरे पिलर के सहारे टिका है और इसके भी गिरने का खतरा मंडरा रहा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। भवन मालिक राजेंद्र कुमार पुत्र बलदेव सिंह (निवासी दिल्ली) ने वर्ष 2006 में इसका निर्माण करवाया था। उनकी 64 कनाल भूमि के अलावा आसपास के किसानों की करीब 30 एकड़ धान और गन्ने की फसल भी बह गई है।
पंचायत उपप्रधान जयदीप राणा ने बताया कि ब्यास नदी ने अपना रुख बदलकर भवन की तरफ बहना शुरू किया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित किसानों व भवन मालिक को मुआवजा देने की मांग की है।
रियाली के घरों में घुसा पानी, चलाया रेस्क्यू अभियान
फतेहपुर विधानसभा की ग्राम पंचायत रियाली के वार्ड-9 और 10 में ब्यास का पानी घरों में घुस गया। सूचना मिलते ही एसडीएम विश्रुत भारती ने नायब तहसीलदार अजय शर्मा की अगुवाई में राहत-बचाव अभियान शुरू कराया। प्रशासनिक टीमों ने 23 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालकर रियाली की अनाज मंडी में बनाए शिविर में ठहराया। उन्हें राहत सामग्री भी वितरित की गई।
प्रभावित गांवों का विधायक ने किया दौरा
पौंग बांध से छोड़े गए पानी के चलते मंड क्षेत्र सहित फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा के कई गांव प्रभावित हुए हैं। हालात का जायजा लेने के लिए फतेहपुर विधायक भवानी सिंह पठानिया ने शनिवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी और मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में मजबूती से उठाया जाएगा। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।