धर्मशाला। वर्ष 2016 में धर्मशाला को स्मार्टसिटी मिशन में शामिल किया गया था लेकिन एक दशक बाद भी शहर पूरी तरह स्मार्ट नहीं बन पाया है। इसके तहत शहर में चल रहे तीन प्रमुख प्रोजेक्ट पार्किंग, फुटबाल मैदान और नाइट स्ट्रीट फूड मार्केट अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। इनके बनने की निर्धारित समय सीमा 31 मार्च थी लेकिन ठेकेदारों और प्रोजेक्ट प्रबंधन की सुस्ती के कारण इसे बढ़ाकर अब जून कर दिया गया है।
प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे जून तक हर हाल में काम पूरा करें, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जानकारी के अनुसार धर्मशाला बस अड्डे के पास प्रस्तावित पार्किंग अभी अधूरी है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबाल मैदान का निर्माण धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के समीप होना है लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। इसके अलावा धर्मशाला कॉलेज के पास नाइट स्ट्रीट फूड मार्केट का कार्य भी लंबित है।
हालांकि स्मार्ट सिटी प्रबंधन का दावा है कि अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और ही दर्शाती है। स्मार्ट रोड और एचआरटीसी की मॉडर्न वर्कशॉप सहित कई अन्य परियोजनाएं अभी अधूरी हैं।
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके चलते अब स्टाफ में कटौती शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में केवल पांच से छह कर्मचारी ही परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए रखे जाएंगे। इनका वेतन स्मार्ट सिटी के स्वयं के संसाधनों जैसे सोलर प्लांट और स्ट्रीट फूड मार्केट से दिया जाएगा। वर्तमान में स्मार्ट सिटी परियोजना का कार्यालय नगर निगम के समृद्धि भवन में संचालित हो रहा है।
तीन परियोजनाओं का कार्य अभी प्रगति पर है और इन्हें जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शेष कार्य पूरे हो चुके हैं। मिशन अवधि समाप्त होने के बाद स्टाफ को सीमित कर दिया जाएगा और खर्च संसाधनों से ही निकाला जाएगा। जफर इकबाल, सीईओ, स्मार्ट सिटी परियोजना
धर्मशाला में तैयार हो रही नाईट स्ट्रीट मार्किट। अमरउजाला
धर्मशाला में तैयार हो रही नाईट स्ट्रीट मार्किट। अमरउजाला