कांगड़ा। सरकार ने प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रीनल ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) विभाग में अतिरिक्त तीन नए ट्रेनी डॉक्टर तैनात कर दिए हैं। नई नियुक्तियों से विभाग में आने वाले मरीजों को अधिक सुविधा मिलेगी और ओपीडी में भी सुधार होगा।
टांडा मेडिकल कॉलेज का रीनल ट्रांसप्लांट विभाग गुर्दा प्रत्यारोपण सर्जनों, नेफ्रोलॉजिस्टों और अन्य विशेषज्ञों की टीम के साथ अंतिम चरण के गुर्दा रोग वाले मरीजों को व्यापक सर्जिकल समाधान प्रदान करता है। विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज आते हैं। मरीज सुबह जल्दी आकर टोकन प्राप्त करते हैं, ताकि उनका नंबर जल्दी आ सके।
वर्तमान में इस विभाग में डॉ. अभिनव राणा और डॉ. अमित शर्मा सहित कई विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। अतिरिक्त ट्रेनी डॉक्टर्स डॉ. साक्षी कपूर, डॉ. हर्षिका और डॉ. कुशल कुमार शनिवार से अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। विभाग के सर्जनों ने अब तक कई मरीजों को नई जिंदगी दी है और अतिरिक्त ट्रेनी डॉक्टरों की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार की उम्मीद है। यह विभाग हिमाचल प्रदेश का पहला मृत दाता से गुर्दा प्रत्यारोपण करने वाला केंद्र है, जिसे पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के सहयोग से सफल बनाया गया।
रीनल ट्रांसप्लांट विभाग में तीन नए ट्रेनी डॉक्टों की तैनाती हुई है। अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति से मरीजों को लाभ मिलेगा और ओपीडी की कार्यप्रणाली बेहतर होगी। टांडा का यह विभाग हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है और गुर्दा प्रत्यारोपण सेवाओं को और मजबूत बनाएगा। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टांडा मेडिकल कॉलेज।