धर्मशाला। टांडा मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट की खराबी मरीजों के लिए आफत बनी है। यहां छह महीनों से चार में से तीन लिफ्ट खराब पड़ीं हैं। इस कारण अस्पताल में मरीजों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन आंखें मूद कर बैठा है और मरीजों के दर्द से अनजान है। लिफ्ट खराब होने से व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर ऊपरी मंजिल तक मरीज को ले जाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और अस्पताल में भर्ती बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रचंड गर्मी में लिफ्ट बंद होने से मरीजों सहित स्टाफ को धरातल से चौथी या अन्य मंजिलों में पहुंचने के लिए पसीने छूट रहे हैं। जानकारी के अनुसार स्टाफ लिफ्ट करीब छह महीनों से बंद पड़ी हैं।
अस्पताल में रोजाना की तीन हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं जो सामान्य तौर पर एक मंजिल से दूसरी मंजिल जाने के लिए लिफ्टों का उपयोग करते हैं परंतु अस्पताल में लगी चार लिफ्टों में से तीन के काम न करने के कारण मरीज और तीमारदार परेशान हो रहे हैं।
क्या बोले मरीज
टांडा में रविवार को आए सकुंतला देवी, प्रवीण कुमार और आकांक्षा कपूर सहित अन्य मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि प्रचंड गर्मी और लिफ्ट खराब होने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लिफ्ट खराब होने से उन्हें सीढि़यों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हुई।
तीन लिफ्ट के खराब होने की जानकारी उन्हें है और उन्होंने लोक निर्माण विभाग को इसके बारे में सूचित किया है। इसमें से एक लिफ्ट पूरी तरह से खराब है, जिसको पूरी तरह से रिपेयर करवाया जाएगा।
डॉ. अशोक वर्मा, एमएस, टांडा मेडिकल कॉलेज