पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से कांग्रेस की सरकार का पूरा ध्यान जनसेवा के बजाय मित्रसेवा पर है। बुधवार को जारी बयान में परमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आकर कैबिनेट रैंक और चेयरमैन जैसे महत्वपूर्ण पद अपने चहेतों के बीच रेवड़ियों की तरह बांटना शुरू कर दिए हैं।
विपिन परमार ने हाल ही में कृषि विपणन बोर्ड में हुई नियुक्तियों का हवाला देते हुए कहा कि इन पदों के लिए न तो योग्यता देखी गई और न ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकारी पद अब जिम्मेदारी के बजाय राजनीतिक अहसान चुकाने का साधन बनकर रह गए हैं।
परमार ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ कांग्रेस सरकार हर दिन प्रदेश का खजाना खाली होने का रोना रोती है और संसाधनों की कमी का हवाला देकर जनता से किए वादों से मुकर रही है, वहीं दूसरी तरफ अपने मित्रों को नवाब बनाने के लिए मलाईदार पदों की झड़ी लगा दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियां सरकार की प्राथमिकताओं को बेनकाब करती हैं, जहां जनता की समस्याओं से अधिक मित्रों को खुश करना जरूरी समझा जा रहा है। प्रदेश की जनता सब देख रही है, सब समझ रही है। वह दिन दूर नहीं जब यह मित्रों की सरकार लोकतांत्रिक तरीके से जनता के कठोर फैसले का सामना करेगी।