शिव-पार्वती मन्दिर अप्पर प्रागपुर में श्रीमद भागवत कथा में उपस्थित लोग।
परागपुर (कांगड़ा)। विषयों का चिंतन पतन का कारण व भगवत चिंतन उत्थान का कारण है। उक्त वाक्य पंडित सुमित शास्त्री ने शिव-पार्वती मंदिर अपर परागपुर में श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति के ऊपर कहे। भागवत कथा का सार श्रवण करवाते हुए पंडित सुमित शास्त्री ने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का सहारा लेकर ही भव सागर से पार किया जा सकता है। विषयों का सुख मनुष्य के पतन का कारण है, जबकि भगवत चिंतन एक दिन परमात्मा की प्राप्ति करवा देता है।
सतयुग में भगवान का ध्यान, त्रेता में यज्ञाराधन, द्वापर में भगवान की पूजा से जो फल मिलता था वह कलियुग में भगवान का नाम लेने मात्र से प्राप्त हो जाता है। भागवत महापुराण का श्रवण मन को शांति प्रदान करता है। कथा के बाद सैकड़ों भक्तजनों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। कथा में पंडित पीयूष, बिपिन, ईशु, निशु, श्वेता, मीरां, प्रियंका और अनु देवी ने भाग लिया।
-