देहरा में हिमाचल परिवहन मजदूर संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक में उपस्थित सदस्य। स्रोत : संघ
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। एचआरटीसी के संभावित निजीकरण और विभिन्न नीतियों के विरोध में हिमाचल परिवहन मजदूर संघ 21 सितंबर को निगम मुख्यालय में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेगा। इस दौरान संघ की ओर से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे। यह निर्णय देहरा में प्रदेश अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई संघ की दो दिवसीय राज्य स्तरीय बैठक में लिया गया।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, परिवहन प्रभारी मंगत राम नेगी और अखिल भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के हिमाचल प्रभारी संजय पंडित विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर ने बताया कि बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति, बसों के कल-पुर्जों व सामग्री की कमी के कारण प्रभावित हो रहे रखरखाव पर चिंता व्यक्त की गई।
संघ ने अलग फाइनेंस कंपनी बनाने, किलोमीटर स्कीम के तहत बाहरी राज्यों के मार्गों पर बसें चलाने, कार्यशालाओं व ड्राइविंग स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने, इलेक्ट्रिक बसों में निजी चालकों की नियुक्ति और कर्मचारियों के डिजिटल कार्ड के लिए 118 रुपये शुल्क लेने का कड़ा विरोध किया।
संघ ने एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देने, हर माह की पहली तारीख को वेतन व पेंशन भुगतान, परिचालकों की वेतन विसंगतियां दूर करने और 80 माह से लंबित नाइट ओवरटाइम एरियर, डीए व 50,000 रुपये की किस्त जारी करने की मांग की। मांगें पूरी न होने पर संघ ने भारतीय मजदूर संघ के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इस बैठक में प्रदेशभर से करीब 120 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।