देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में दो अक्तूबर को होने वाली ग्रामसभा बैठकों में ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ को लेकर अनिवार्य रूप से चर्चा की जाएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने इस योजना को ग्रामसभा के एजेंडे में शामिल करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
विभाग के निदेशक ने सभी उपायुक्तों, जिला पंचायत अधिकारियों (डीपीओ) और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को पत्र भेजकर इस पर अमल सुनिश्चित करने को कहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सबसे गरीब, जरूरतमंद और वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिलाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
योजना के तहत विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, अनाथ बच्चों, वृद्ध दंपतियों, दिव्यांगों, गंभीर बीमारी से पीड़ित कमाऊ सदस्य वाले परिवारों, भूमिहीन और दिहाड़ी-मजदूरी पर निर्भर परिवारों पर विशेष फोकस रहेगा। पात्रता के लिए परिवार के पास एक हेक्टेयर से कम भूमि और वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम होना अनिवार्य है।
इसके साथ ही परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी या अर्द्धसरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए और न ही आयकरदाता होना चाहिए। प्रदेश में नौ चरणों में हुए सर्वेक्षण के आधार पर पात्र परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें कल्याणकारी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा सचिन ठाकुर ने बताया कि निदेशालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पंचायतों को बैठक में ग्रामीणों को योजना की जानकारी सरल भाषा में देने के लिए कहा गया है।