पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसे पाने के लिए हजारों देशभक्तों ने अपने बलिदान दिए थे। लेकिन आज यह लोकतंत्र कमजोर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने मांग की है कि संसद में काम नहीं तो वेतन नहीं का सिद्धांत कड़ाई से लागू किया जाए, क्योंकि वर्तमान में संसद में गंभीर चर्चाएं कम और हंगामा बहुत अधिक हो रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार संसद का पूरा सत्र बिना किसी सार्थक चर्चा के बीत जाता है और अत्यंत महत्वपूर्ण बिल भी शोर-शराबे के बीच बिना चर्चा के पास हो जाते हैं। जब संसद में कोई काम नहीं होता, केवल नारेबाजी और हंगामा होता है, तब भी सांसदों को करोड़ों रुपये का वेतन और भत्ता दिया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद देश के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए है और वेतन-भत्ते काम करने के एवज में दिए जाते हैं। ऐसे में जिन सांसदों के कारण संसद की कार्यवाही बाधित होती है और हंगामा होता है, उन्हें उस अवधि का वेतन और भत्ता किसी भी हाल में नहीं दिया जाना चाहिए।