नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों की औपचारिक घोषणा के साथ ही नूरपुर नगर परिषद का चुनावी दंगल पूरी तरह सज गया है। हालांकि वार्डों के आरक्षण का भविष्य 28 मार्च को जारी रोस्टर के साथ ही तय हो गया था, लेकिन अब चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान ने संभावित प्रत्याशियों की धड़कनें तेज कर दी हैं।
नूरपुर के सभी 9 वार्डों में अब चुनावी जोड़-तोड़ का दौर चरम पर है, जहां इस बार आधी आबादी यानी महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहने वाली है। 28 मार्च को जारी अधिसूचना के बाद से ही नूरपुर के राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई थी।
इस बार कुल 9 वार्डों में से 5 वार्ड सामान्य वर्ग की महिलाओं के हिस्से आए हैं। नगर परिषद के वार्ड-1, 2, 5, 6 और 7 को सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा वार्ड-3, 4 और 8 को सामान्य (ओपन) रखा गया है, जहां कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। वहीं, वार्ड-9 को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है।
इस नए बदलाव से कई अनुभवी पुरुष नेताओं को अपनी सीट गंवानी पड़ी है, क्योंकि 2021 के चुनाव में पांच वार्ड अनारक्षित थे, जो अब घटकर केवल 3 रह गए हैं। संवाद