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डीसी के दर पहुंचा कांगड़ा के निजी स्कूल का फीस मामला

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धर्मशाला में घुरकड़ी निजी स्कूल की ओर से एनुअल फंड बसूलने रख़लाफ़ जिलाधीश कार्यालय में पहुंचे अ? - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। उपमंडल कांगड़ा के घुरकड़ी स्थित एक निजी स्कूल में अभिभावकों से वार्षिक फीस वसूलने का मामला जिलाधीश कांगड़ा के दरबार पहुंच गया है। बुधवार को भारी संख्या में अभिभावकों ने जिलाधीश कार्यालय में शिरकत की और स्कूल के खिलाफ एक शिकायत पत्र भी सौंपा।
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इस दौरान अभिभावकों ने आरोप जड़ा कि कोविड काल में जहां हर स्कूल केवल ट्यूशन फीस की ही वसूली कर रहा है, वहीं घुरकड़ी स्थित एक निजी स्कूल उनसे वार्षिक फीस की जबरन मांग कर रहा है। साथ ही फीस अदा न करने की सूरत में उनके बच्चों को स्कूल से निकालने की भी धमकी दे रहा है। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चे इस स्कूल में कई वर्षों से पढ़ाई कर रहे हैं और हर वर्ष स्कूल को लाखों रुपये फीस के रूप में मुहैया करवाते हैं।
बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन अब कोविड काल में प्रभावित हुए अभिभावकों से जबरन वार्षिक फीस को वसूल रहा है। वहीं, अब फीस न देने की सूरत में स्कूल ने एप के माध्यम से संबंधित बच्चों की पढ़ाई को बंद कर दिया है। अभिभावकों का कहना था कि ऑनलाइन पढ़ाई की एवज में स्कूल प्रबंधन को वे हर माह ट्यूशन फीस मुहैया करवाते हैं, लेकिन अब स्कूल प्रबंधन उनसे 6500 रुपये वार्षिक फीस की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन अभिभावकों के दो या इससे अधिक बच्चे इस स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनके लिए यह फीस वहन करना काफी मुश्किल है। इसके अलावा इस स्कूल में दिहाड़ीदारों और किसानों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन कोविड काल में वार्षिक फीस देने में पूरी तरह से असमर्थ हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि पिछले महीने से स्कूल प्रशासन व्यक्तिगत रूप से फोन कर सभी अभिभावकों से वर्ष 2020-21 के वार्षिक शुल्क की मांग कर रहे हैं। साथ में चेतावनी दे रहे हैं कि अगर वे वार्षिक फीस जमा नहीं करवाते हैं तो उनके बच्चों को पेपर में नहीं बैठने देंगे। ऐसे में अभिभावकों को अब उनके बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। उन्होंने जिलाधीश कांगड़ा से संबंधित स्कूल से बच्चों की वार्षिक फीस माफ करवाने की अपील की है। वहीं, इस संदर्भ में जिलाधीश कांगड़ा का कहना है कि उन्होंने संबंधित डिप्टी डायरेक्टर शिक्षा और एसडीएम कांगड़ा से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि स्कूल पर किस तरह से कार्रवाई की जाएगी।
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