धर्मशाला। देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह शब्द हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने संगठनात्मक जिला कांगड़ा की ओर से विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस पर बुधवार को धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 1947 में धर्म के आधार पर देश का विभाजन इतिहास में एक काला अध्याय है। भारत के विभाजन की पीड़ा और देश के बंटवारे के दर्द को भूलाना बहुत कठिन है, नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। कपूर ने कहा कि उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में भारतीय जनता पार्टी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।
भाजपा महामंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन भारत वासियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का अवसर है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया। उन्होंने कहा यही नहीं यह दिन उन लोगों के कष्ट और संघर्ष की भी याद दिलाता है जिन्हें विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ा। यही नहीं देश के विभाजन का घाव अपनों को खोने के दुख को शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता।
मुझे विश्वास है कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समाज से भेदभाव द्वेष की दुर्भावना को खत्म कर शांति प्रेम व एकता को बल देगा। आज की इस बेला पर ऐसे सभी लोगों को शत-शत नमन करता हूं और हम भारतीयों को इस दिन कोई याद रखना चाहिए। भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के कांग्रेस सरकार द्वारा विभाजन स्वीकार करना एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। भारत विभाजन के परिणाम स्वरूप छह लाख लोग मारे गए, डेढ़ करोड़ लोग बेघर हुए और एक लाख महिलाओं के साथ अनाचार हुआ। इस मौके पर पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, पूर्व विधायक अरुण कुमार कूका, हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा, राकेश शर्मा, प्रदेश भाजपा मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु, जिला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा, जिला कांगड़ा भाजपा महामंत्री देवेंद्र कोहली, राकेश चौहान आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।