पंचरुखी (कांगड़ा)। सलियाणा में शिवपुराण कथा के दूसरे दिन में कथा वाचक राजेश शर्मा प्रवचन दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सतावर लिंग, (बेल पौधे) जंगम लिंग (पशु, पक्षी, कीट-पतंगे) इनको जलाभिषेक करने से यह मानिए कि आप भोले बाबा का ही अभिषेक कर रहे हैं। इससे प्रकृति की सेवा का बड़ा फल मिलता है। कथा के दौरान भोलेनाथ के भजनों ने लोगों को झूमने पर मजबूर किया। संवाद