चामुंडा/ज्वालामुखी/कांगड़ा। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर कांगड़ा के शक्तिपीठों पर साफ दिखाई देने लगा है। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर के कपाट अब शाम 8:00 बजे ही बंद कर दिए जाएंगे। पहले यह समय रात 10:00 बजे तक था। अब आरती शाम 6:00 बजे होगी। वहीं, ज्वालामुखी और कांगड़ा के बज्रेश्वरी शक्तिपीठ में पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही कपाट बंद होंगे।
तनाव के माहौल का असर श्रद्धालुओं की आमद पर भी पड़ा है। तीनों शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 90 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। ज्वालामुखी मंदिर में सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते थे, वहां शुक्रवार को केवल 4,000 के करीब श्रद्धालु पहुंचे। चामुंडा मंदिर में यह संख्या घटकर 700 तक रह गई है, जबकि कांगड़ा मंदिर में गिने-चुने श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंचे।
ज्वालामुखी मंदिर में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डीएसपी ज्वालामुखी आरपी जसवाल ने शुक्रवार को मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा के निर्देश जारी किए। मंदिर में अब नारियल ले जाने पर रोक लगा दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, होमगार्ड जवान तैनात कर दिए हैं। एक ही गेट से प्रवेश और निकास की व्यवस्था लागू कर दी है। अन्य गेट बंद कर दिए गए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
होटल व्यवसाय पर भी पड़ा असर
चामुंडा मार्केट प्रधान अमित मेहता ने बताया कि श्रद्धालुओं के न आने से दुकानदारों और होटल व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई श्रद्धालु अपनी पहले से की गई बुकिंग रद्द करवा चुके हैं। शक्तिपीठों के आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
किसी भी वस्तु को न छुएं श्रद्धालु
एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने मंदिर प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे लावारिस वस्तुओं को न छुएं और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। मंदिर परिसर और बस स्टैंड तक घोषणाओं के जरिए जागरूकता फैलाई जा रही है।
ज्वालामुखी मंदिर परिसर बाजार में पसरा सन्नाटा। -संवाद