श्री शिव शक्ति आश्रम तपोभूमि पनियाला में प्रवचन के दौरान भक्तों के साथ सामूहिक चित्र में। आयोजक
इंदौरा (कांगड़ा)। श्री शिव शक्ति आश्रम तपोभूमि पनियाला में प्रवचन करते हुए स्वामी आदेश पुरी ने कहा कि श्रद्धावान श्रद्धालु को ही आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। इसलिए सत्संग, कथा कीर्तन, सुमरिन और गुरु सेवा से मन में श्रद्धा जागृत होती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति संसार में रहकर ज्ञान और आनंद की प्राप्ति करना चाहता है। सत्यता यह है कि जीव को नश्वर भोगों से शाश्वत सुख तीनों काल में नहीं मिल सकता क्योंकि जो भोग पदार्थ स्वयं अल्प और क्षणभंगुर हैं, वह अस्थायी आनंद कैसे प्रदान कर सकते हैं। इस अवसर पर स्वामी नित्यानंद पुरी, रघुनाथ सहाय, हरजीत कुमार सहित मातृ शक्ति मौजूद रही। संवाद