धर्मशाला। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांगड़ा जिले के होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि वे एनालॉग पनीर का उपयोग करते हैं तो इसकी जानकारी मेन्यू कार्ड और बिल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मशाला। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड काॅर्नरों पर ग्राहकों को अब यह पता चल सकेगा कि उनकी थाली में परोसा गया पनीर असली है या एनालॉग। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संचालकों के लिए मेन्यू और बिल पर पनीर की श्रेणी का उल्लेख अनिवार्य कर दिया है।
नियमों का पालन नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने वीरवार को धर्मशाला के जोधामल सराय में कचहरी बाजार के कारोबारियों के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया।
इस दौरान पंजीकरण, फूड लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा मानकों, इस्तेमाल किए गए तेल के सुरक्षित निस्तारण और एनालॉग पनीर के उपयोग संबंधी नियमों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में विभाग के सहायक आयुक्त मंजीत सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
मंजीत सिंह ने बताया कि यदि कोई प्रतिष्ठान एनालॉग पनीर का उपयोग करता है तो उसे मेन्यू और बिल पर इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा, ताकि ग्राहक यह जान सकें कि उन्हें किस प्रकार का पनीर परोसा जा रहा है। कारोबारियों को पनीर खरीदते समय थोक विक्रेता से बिल पर उत्पाद का प्रकार भी दर्ज करवाने की सलाह दी गई, जिससे निरीक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने, कर्मचारियों को सिर पर टोपी पहनाकर काम कराने और इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ जुर्माना सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन कारोबारियों के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्य
प्रशिक्षण में कारोबारियों को बताया गया कि 1.50 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाले प्रतिष्ठानों के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्य है, जबकि इससे कम टर्नओवर वाले कारोबारी 100 रुपये शुल्क देकर पंजीकरण करा सकते हैं। जिन कारोबारियों ने पहले शुल्क जमा किया है, उनकी राशि विभाग समायोजित करेगा।
क्या है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर पारंपरिक दूध से बने पनीर का विकल्प है। इसे वनस्पति वसा, पाम ऑयल, मिल्क पाउडर और अन्य अनुमत सामग्री से तैयार किया जाता है। यह खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत वैध उत्पाद है लेकिन इसके उपयोग की जानकारी ग्राहकों को देना अनिवार्य है।