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Kangra News: बागवान बोले- आम की प्रोसेसिंग यूनिट की उम्मीद टूटी

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बलदेव सिंह, बगावान
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राजा का तालाब (कांगड़ा)। कांगड़ा जिला के बागवानों और किसानों ने प्रदेश सरकार के बजट को निराशाजनक बताया है। जिला कांगड़ा के नूरपुर, इंदौरा और फतेहपुर में किसानी और बागवानी के जाना जाता है। इस क्षेत्र में आम की फसल अधिक होती है। इसके चलते किसानों को यहां पर आम प्रोसेसिंग यूनिट मिलने की उम्मीद थी लेकिन बजट में उन्हें निराशा हाथ लगी है।
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बजट में आम की प्रोसेसिंग यूनिट का नहीं कोई प्रावधान : बलदेव
फतेहपुर विधानसभा के बागवान बलदेव ठाकुर कहना है कि बजट से जिला कांगड़ा के बागवानों को निराशा ही हाथ लगी है। कांगड़ा में आम की पैदावार काफी मात्रा में होती है। आम के बागवानों की जिला में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की चिरलंबित मांग थी। परंतु बजट में जिला में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने को लेकर सरकार की तरफ से बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। प्रोसेसिंग यूनिट के लगने से युवाओं को इससे रोजगार भी मिलता, जबकि बागवानी में भी युवा आकर्षित होते।

प्राकृतिक आपदा नुकसान का नहीं कोई प्रावधान : रणवीर
बागवान रणवीर सिंह का कहना है कि आम के बागवानों को सीजन में कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा पर मुआवजे को लेकर बजट में कोई प्रावधान नहीं है। सेब के बागवानों की तरफ हमें भी सुविधाएं मिलनी चाहिए। आम के बागवानों के लिए जिले में प्रोसेसिंग यूनिट का बजट में प्रावधान होना समय की मांग थी।
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किसानों के बारे में सरकार ने नहीं सोचा कुछ : चैन
किसान चैन सिंह का कहना है कि बेसहारा पशुओं की वजह से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई किसानों ने इसी वजह से बिजाई का कार्य सीमित का लिया है। बजट में सड़कों में घूमते बेसहारा पशुओं को गोशाला में रखने के लिए कोई बात नहीं कही गई है। किसानों को उम्मीद थी कि बेसहारा पशुओं और प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल को होने वाले नुकसान को लेकर बजट में सरकार कोई प्रावधान करती, परंतु ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला

बजट में किसान के हाथ खाली : विजय
किसान विजय कुमार का कहना है कि बीज, खाद और अन्य सामग्री के दाम इस समय आसमान छू रहे हैं। किसानी करना आजकल घाटे का सौदा सिद्ध हो रहा है। प्राकृतिक आपदा और बेसहारा पशु किसानों के लिए घोर संकट पैदा कर रहे हैं। पंचायत स्तर पर एक गोशाला का निर्माण होना आवश्यक है, ताकि बेसहारा पशुओं द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सका। सरकार को बजट में इसके लिए विशेष रूप सोचना चाहिए था, परंतु ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।

बलदेव सिंह, बगावान

बलदेव सिंह, बगावान

बलदेव सिंह, बगावान

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