चामुंडा माता मंदिर में बुधवार को उमड़ी भीड़। संवाद
ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। कांगड़ा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी भी श्रद्धालुओं की आस्था को कम नहीं कर सकी। प्रचंड धूप और बढ़ते तापमान के बावजूद बुधवार को जिले की प्रमुख शक्तिपीठों में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेककर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। तीनों प्रमुख मंदिरों में करीब 17 हजार श्रद्धालुओं की आवाजाही दर्ज की गई।
माता श्री बज्रेश्वरी मंदिर में लगभग 4000, विश्व प्रसिद्ध ज्वालामुखी मंदिर में करीब 6000 और नंदिकेश्वर धाम चामुंडा में लगभग 7000 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन दिनों मंदिरों का रुख कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्र का शांत वातावरण और बाणगंगा के शीतल जल में स्नान करने से गर्मी से राहत महसूस होती है। यही कारण है कि लगातार बढ़ती गर्मी के बावजूद मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी हुई है।
चामुंडा मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर तक मैट बिछाई गई है ताकि गर्म फर्श से लोगों को परेशानी न हो। इसके अलावा ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर और जगह-जगह पंखों की व्यवस्था की गई है।
उधर, श्री बज्रेश्वरी मंदिर प्रशासन ने भी गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं। मंदिर परिसर में शामियाने, मैट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं जिससे दर्शन के दौरान लोगों को राहत मिल सके।
इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध ज्वालामुखी मंदिर में भी गर्मी का असर देखने को मिला। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि तेज धूप और उमस के कारण दोपहर के समय श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम रही। इसके बावजूद मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड, शामियाने और रास्तों पर मैट बिछाए गए थे। बुधवार को साप्ताहिक बाजार बंद होने के कारण अधिकांश दुकानें बंद नजर आईं। फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति में कोई कमी देखने को नहीं मिली।
चामुंडा माता मंदिर में बुधवार को उमड़ी भीड़। संवाद