पालमपुर (कांगड़ा)। सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) पालमपुर ने बुधवार को अपना 43वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर आयोजित समारोह के मुख्यातिथि नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीपी पॉल रहे। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार कर सकते हैं।
उन्होंने महिला स्वास्थ्य, कुपोषण और आत्मनिर्भर भारत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की और कहा कि समग्र प्रगति के लिए सभी क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ना होगा। स्थापना दिवस व्याख्यान राष्ट्रीय प्रोफेसर एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व उप-महानिदेशक डॉ. टीआर शर्मा ने दिया।
उन्होंने चावल की ब्लास्ट रोग प्रतिरोधक किस्मों के प्रजनन की सामाजिक, खाद्य सुरक्षा, पारिस्थितिकीय और आर्थिक दृष्टि से महत्ता को विस्तार से समझाया। एनएमपीबी के सीईओ डॉ. महेश कुमार दधीच ने ऑनलाइन संबोधन में हिमालयी क्षेत्र में औषधीय पादपों की विविधता, हर्बल क्षेत्र की भूमिका तथा संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. एके त्रिपाठी ने कहा कि विज्ञान का सामाजिक विकास में अहम योगदान रहा है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने संस्थान की गतिविधियों और अनुसंधान कार्यों पर प्रकाश डाला। समारोह में बड़ी संख्या में किसान, शिक्षाविद, उद्योगपति, वैज्ञानिक, छात्र और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कई संस्थानों के साथ किए समझौते
संस्थान ने इस अवसर पर त्रिपुरा विश्वविद्यालय, त्रिपुरा तथा भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी फार्माकोपिया आयोग, गाजियाबाद के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। साथ ही सूरज केमिकल्स लिमिटेड नई दिल्ली, हिमालय एपियरीज ऊना, एचपी फाइटोपल्स पालमपुर और प्लांट हब बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड सोलन के साथ तकनीकी हस्तांतरण समझौते भी किए गए।