धर्मशाला। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की ग्रांट हिमाचल के लिए बंद नहीं हुई है, बल्कि यह निर्णय पूरे देश के लिए लिया है। धर्मशाला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि पिछले 12, 13, 14 और 15वें वित्त आयोग राज्यों को इस बारे में लगातार सूचित कर रहे थे। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, जबकि कर्नाटक ने आरडीजी बंद करने की बात कही थी।
सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के उन बयानों पर भी तंज कसा जिनमें उन्होंने वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक सबसे अमीर राज्य बनाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों के मद्देनजर सरकार कुछ तो कर रही होगी। प्रोटोकॉल तोड़ कर भाजपा नेताओं के साथ आरडीजी मामले पर केंद्र सरकार से बात करने के सवाल पर सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल तोड़ रहे हैं। सर्वदलीय बैठक के लिए वित्त सचिव से चिट्ठी निकलवाना गलत परंपरा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में अपने अधिकारियों को छोड़कर स्वयं कहीं गायब हो जाते हैं, जैसे वह मिस्टर इंडिया हों। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता ने सुविधाएं देने के लिए सरकार चुनी है तो मुख्यमंत्री उन्हें संघर्ष के लिए तैयार रहने को क्यों कह रहे हैं।
विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनावों से भाग रही है, जिससे स्पष्ट है कि उन्हें किसी बात का भय सता रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्थिति को बहुत ही हास्यास्पद बना दिया है। लोकतंत्र में सरकारें लोकहित के लिए बनती हैं, लेकिन यहां की कार्यप्रणाली इसके विपरीत नजर आ रही है।