धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर और कांगड़ा इकाई के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को धर्मशाला में बैठक के साथ पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी की ओर से पांच जिलों के लोगों के साथ सोलन में गुप्त तरीके से बैठक की गई। इसमें सात जिलाें के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने भाग नहीं लिया था। बैठक के दौरान पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर को निष्कासित करने का निर्णय लिया था, जो गैरकानूनी और असंवैधानिक था। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी का तीन वर्षों का कार्यकाल 17 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका था।
इसके बाद रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी शिमला की ओर से 9 अप्रैल 2025 से पहले की यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम आदेश पारित हुए थे, जिसके अनुसार सुरेश ठाकुर की प्राथमिक सदस्यता और अपने पदों पर भी बने रहेंगे लेकिन गैर कानूनी तरीके से हुई बैठक में उनकी प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब चुनाव 31 मई तक पूरे हो जाएंगे। चुनाव पूरे होने के बाद पेंशनर्स की मांगों को सरकार से तय सीमा में मनमाने के लिए फैसला लिया जाएंगे। साथ ही धरना प्रदर्शन, रैली निकालकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इस दौरान कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन इकाई कांगड़ा की ओर से निंदा की गई है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।