धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक सड़क दुर्घटना में मृत छात्र के अभिभावकों को पांच लाख रुपये की बीमा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे।
इसके साथ ही बीमा कंपनी को 25,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में भी देने होंगे। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की पीठ ने सुनाया। शिकायतकर्ता प्रीति कास्था और नवीन कास्था निवासी पालमपुर ने आयोग में शिकायत दर्ज की थी कि उनका बेटा पटियाला की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ता था और वह यूनिवर्सिटी द्वारा ली गई ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी के अंतर्गत कवर था।
पॉलिसी के तहत हर छात्र का पांच लाख रुपये का बीमा था। 26 जनवरी 2023 की रात उनके बेटे की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने सभी आवश्यक दस्तावेज बीमा कंपनी को जमा किए थे। संवाद