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Kangra News: पशु डिस्पेंसरी से अस्पताल का दर्जा तो मिल गया, पर भी नहीं मिला भवन

Fri, 25 Jul 2025 06:07 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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भरमाड़ में सामुदायिक भवन में ​स्थित पशु चिकित्सालय। स्रोत : जागरूक पाठक
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15 वर्षाें से सामुदायिक भवन के एक कमरे में चल रहा भरमाड़ पशु चिकित्सालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
जवाली (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र की भरमाड़ पंचायत में पशु डिस्पेंसरी को आज तक अपना भवन नहीं मिल पाया है। पशुपालकों की मांग पर वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री पशुधन अरोग्य योजना के तहत सामुदायिक भवन में यह डिस्पेंसरी खोली थी। जो 15 वर्ष बाद भी इसी भवन में चल रही है।
विभाग के कर्मचारियों के लिए इस भवन में बैठने के लिए भी जगह कम है। एक कमरे में ही बैठकर सारा काम करना पड़ता है। स्थानीय लोगों पवन कुमार, रमन कुमार, अशोक कुमार, जोगिंद्र सिंह, सतपाल सिंह सहित अन्यों ने कहा कि अगस्त 2017 में पूर्व सीपीएस नीरज भारती ने अपने कार्यकाल के दौरान पशु डिस्पेंसरी को अपग्रेड कर इसे पशु चिकित्सालय का दर्जा दिया था। इसके बाद भाजपा ने पांच साल के कार्यकाल में इसकी ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। डिस्पेंसरी के अपग्रेड होने से पहले लोगों को बरोह अथवा रैहन पशु चिकित्सालय में पांच किलोमीटर का सफर तय कर जाना पड़ता था। भरमाड़ में डिस्पेंसरी को अपग्रेड कर पशु चिकित्सालय बनाए जाने के बाद इसके अधीन 7 डिस्पेंसरियां आती हैं। इस चिकित्सालय में कर्मचारियों के लिए शौचालय की भी सुविधा अभी तक नहीं है। चिकित्सालय में स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन एक ही कमरे में बैठकर काम करने समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कृषि मंत्री से मांग उठाई है कि पशु चिकित्सालय के लिए भवन का निर्माण किया जाए।
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एक वर्ष पहले पशुपालन विभाग के नाम जमीन की रजिस्ट्री और एस्टीमेट बनाकर विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। - डाॅ. अभय वर्मा, पशु चिकित्सालय भरमाड़
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