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Kangra News: क्लस्टर और कांप्लेक्स सिस्टम के खिलाफ सड़क पर उतरे अध्यापक

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धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते प्राथमिक ​शिक्षक। -अमर उजाला
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धर्मशला। क्लस्टर और कांप्लेक्स सिस्टम के खिलाफ रविवार को प्राथमिक शिक्षकों का आक्रोश देखने को मिला। प्राइमरी टीचर फेडरेशन (पीटीएफ) जिला कांगड़ा के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों ने डीआईजी मैदान से लेकर जिलाधीश कार्यालय परिसर तक आग्रह रैली के नाम से रोष प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की गई।
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पीटीएफ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाते हुए कहा कि 23 सितंबर 2025 को जारी न्यू कांप्लेक्स सिस्टम की अधिसूचना प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को कमजोर करने वाली है। इसके तहत प्राथमिक स्कूलों के एचटी, सीएचटी और बीईईओ की प्रशासनिक शक्तियों को बेहद सीमित कर दिया गया है। इससे भविष्य में इन पदों को समाप्त करने का रास्ता साफ हो सकता है।
उन्होंने कहा कि 15 से 20 स्कूलों का एक क्लस्टर बनाकर उसका सारा नियंत्रण स्कूल प्रिंसिपल को सौंपने से न केवल कार्यभार बढ़ेगा, बल्कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। उन्होंने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए बताया कि एक ओर सीबीएसई स्कूल बनाते समय पदों को बरकरार रखा गया, वहीं प्राथमिक स्तर पर सीएचटी के पदों को खत्म किया जा रहा है।
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पीटीएफ ने आरोप लगाया कि करीब 3,000 जेबीटी शिक्षकों की एचटी पद पर होने वाली पदोन्नति को रोकने की प्रक्रिया चल रही है। स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों के 4,500 से अधिक पद, नर्सरी टीचर के 6,200 और इतनी ही संख्या में आया के पद खाली पड़े हैं। मिड-डे मील वर्करों के रोजगार पर भी तलवार लटकी हुई बताई गई है।
महिला विंग की अध्यक्ष संदीप कुमारी और जिला अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षक अब प्रयोग की वस्तु नहीं बनेंगे। यदि सरकार ने 15 मार्च से पहले प्रदेश कार्यकारिणी को वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार शिक्षक अपने परिवारों सहित धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
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