दादी के साथ रह रही पीड़िता को बनाया था हवस का शिकार
दो माह की गर्भवती होने पर परिजनों को दुष्कर्म का चला था पता
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
धर्मशाला। रिश्तों को कलंकित करने वाले ताऊ को पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने 22 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जबकि जुर्माना अदा न करने की सूरत में उसे तीन साल की अतिरिक्त जेल होगा। वहीं इस मामले में अदालत ने पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत 5,00,000 रुपये मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।
मामले की पैरवी कर रही विशेष जिला न्यायवादी राजरानी ने बताया कि 28 जनवरी, 2022 को पीड़िता की माता ने पुलिस थाना नगरोटा बगवां में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी दादा का देहांत के बाद दादी के बीमार होने पर दादी और ताऊ के पास रहती थी। इसी बीच पीड़िता की अचानक तबीयत खराब होने पर जब पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया तो पता चला की पीड़िता दो माह की गर्भवती है। इसके बाद पीड़िता की मां ने जब अपनी बेटी से पूछा तो उसने बताया कि उसका ताऊ लगभग एक साल से उसके साथ गलत काम करता था। साथ ही पीड़िता को धमकी देता था कि यदि उसने किसी को इस बारे कुछ बताया तो उसे जान से मार देगा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी ताऊ पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की थी। वहीं इस मामले में सरकारी वकील की ओर से 29 गवाहों को पेश किया गया। वहीं, पीड़िता के ताऊ को आरोप सिद्ध होने पर धारा 506 के तहत एक साल की सजा और 5000 रुपये जुार्मना। वहीं जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई। वहीं पोक्सो की धारा छह के तहत 22 साल का कठोर कारावास व 20,000 रुपये जुर्माना और जुर्माना देने पर तीन साल की अतिरिक्त कैद का फैसला सुनाया गया। इस केस की तफ्तीश इंस्पेक्टर बिंदु चंदेल और अशोक राणा ने की। इस मामले में अदालत ने पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत 5,00,000 रुपये मुआवजा देने के भी आदेश दिए।