धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के ब्लड बैंक को जल्द ही आधुनिक उपकरण मिलने की उम्मीद है। ब्लड बैंक में सुविधाओं को मजबूत करने और रक्त के विभिन्न घटकों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 53 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस राशि से आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के समक्ष रखा जाएगा।
ब्लड बैंक में विशेष रूप से फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) के भंडारण की समस्या सामने आ रही है। एफएफपी को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखना जरूरी होता है। इसके लिए पर्याप्त और आधुनिक भंडारण उपकरणों की आवश्यकता होती है। मौजूदा व्यवस्था में भंडारण क्षमता और उपकरणों से जुड़ी दिक्कतों के कारण ब्लड बैंक पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में नए उपकरण मिलने से रक्त के विभिन्न घटकों को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
ब्लड बैंक में उपलब्ध सरप्लस प्लाज्मा से प्राप्त 40.79 लाख रुपये का इस्तेमाल आधुनिक उपकरण खरीदने में किया जाएगा। इसके अलावा करीब 53 लाख रुपये के पूरे प्रस्ताव के तहत अन्य जरूरी उपकरण भी शामिल किए गए हैं। विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर आरकेएस से मंजूरी मांगी जा रही है।
ब्लड बैंक में रक्त को अलग-अलग घटकों में विभाजित कर जरूरत के अनुसार मरीजों को उपलब्ध करवाया जाता है। इसमें रेड ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा प्रमुख हैं। प्लाज्मा को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए एफएफपी तैयार किया जाता है। इसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्धारित तापमान पर भंडारण जरूरी है।
टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा समेत आसपास के कई जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। गंभीर मरीजों, ऑपरेशन और प्रसव के मामलों में रक्त और उसके विभिन्न घटकों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में ब्लड बैंक की भंडारण क्षमता मजबूत होने से जरूरत के समय रक्त घटकों की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। नए उपकरण लगने के बाद एफएफपी समेत अन्य रक्त घटकों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत होगी। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा