नूरपुर (कांगड़ा)। लोकसभा सांसद राजीव भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पर राज्य के सबसे बड़े जिले कांगड़ा की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित तो कर दिया लेकिन अब तक कोई विकास योजना तैयार नहीं की गई। नूरपुर में पत्रकारवार्ता में भारद्वाज ने कहा कि धार्मिक स्थलों सहित पर्यटन के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिल सकता है। कांगड़ा और चंबा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित ‘स्वदेश दर्शन योजना’ और ‘प्रसाद योजना’ के तहत कांगड़ा और चंबा जिलों के विश्व प्रसिद्ध देवी-देवता स्थलों के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेज सकी है। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र कांगड़ा और चंबा के मौजूदा विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और इन केंद्रीय योजनाओं के तहत प्रस्ताव भेजने का आग्रह करेंगे। सांसद ने कहा कि कांगड़ा की पौंग झील और चंबा जिले की चमेरा झील में केरल राज्य की तर्ज पर बैकवाटर पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं, परंतु राज्य सरकार ने इस छिपी हुई संभावनाओं को साकार करने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई है। उन्होंने राज्य सरकार पर कांगड़ा में केंद्रीय विवि परिसर की स्थापना से संबंधित महत्वाकांक्षी केंद्रीय परियोजना को बाधित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु विभाग का मात्र 30 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान भी नहीं कर सकी। इस अवसर पर विधायक रणबीर सिंह निक्का भी उपस्थित रहे।