कृषि विवि में घायलों को अस्पताल ले जाती हुई छात्राएंस्त्रोत विवि
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर सोमवार को भूकंप के तेज झटकों से थर्रा उठा। अचानक आए कंपन से क्लास रूम और दफ्तरों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए छात्र और स्टाफ डेस्क के नीचे छिपे तो कोई सुरक्षित कोनों की ओर भागा। इस दौरान भवनों से गिरे मलबे की चपेट में आने से कई छात्र घायल हो गए, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित एक व्यापक मॉक ड्रिल का हिस्सा था। कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास का मकसद भूकंप जैसी आपदा के समय छात्रों, कर्मचारियों और आपातकालीन टीमों की तैयारी व प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. देश राज चौधरी के मार्गदर्शन में जैसे ही सायरन बजा, रेस्क्यू टीमें सक्रिय हो गईं। मलबे में दबे छात्रों को बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार के बाद शिफ्ट किया गया। इस मौके पर उप घटना कमांडर संदीप मनुजा, डॉ. अंजलि सूद, डॉ. लव भूषण, डॉ. मंजुला शर्मा और सुरक्षा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का जिम्मा संभाला।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ऐसी ड्रिल भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करने में मददगार साबित होगी।