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Kangra News: जिस खड्ड में बाढ़ आई वहीं से निकाले जा रहे पत्थर

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खनियारा के मोहली ​स्थित मनूणी खड्ड से पत्थर उठाती तिब्बती महिलाएं। स्रोत: अमर उजाला
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धर्मशाला। सोकणी दा कोट (खनियारा) की जिस मनूणी खड्ड में दो दिन पहले बाढ़ के कारण छह लोगों की जान चली गई, उसी खड्ड में शुक्रवार को कुछ निर्वासित तिब्बती महिलाएं पत्थर निकालतीं नजर आईं। ये महिलाएं सिद्धपुर स्थित एक छात्रावास में रहती हैं। बताया जा रहा है कि जहां पर यह रहती हैं, वो रास्ता कीचड़ से भरा है। छात्रावास के समीप ही कूहल भी बहती है, जो कि मनूणी खड्ड में बाढ़ आने के बाद बंद है।
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इसके चलते महिलाएं मनूणी खड्ड में आई बाढ़ के साथ बहकर आए छोटे-छोटे पत्थरों को लाने मोहली पहुंच गईं। करीब 40 से अधिक निर्वासित तिब्बती महिलाएं पानी के तेज बहाव के नजदीक पत्थरों को निकालने के काम में लगी रहीं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर बरसात के दिनों में नदी-नालों के निकट न जाने के बारे में दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के खतरे से अंजान ये निर्वासित तिब्बती महिलाएं शुक्रवार सुबह 9:00 बजे से दोपहर तक खड्ड में जुटी रहीं। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, प्रदीप और जितेंद्र ने कहा कि शुक्रवार सुबह करीब 40 से अधिक तिब्बती महिलाएं मोहली गांव में स्थित मनूणी खड्ड में पत्थरों को निकालने पहुंची। हालांकि यह खुलासा नहीं हो पाया कि वे पत्थरों को अपने छात्रावास के लिए निकाल रहीं थीं या खड्ड के समीप बंद कूहलों को चालू करने के लिए पत्थर निकाले।
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