विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम के सदस्य बैठक के बाद एक साथ। -स्रोत: फोरम
बैजनाथ (कांगड़ा)। विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम की बैजनाथ इकाई के अध्यक्ष केसी कटोच ने कहा कि विद्युत बोर्ड के निलंबित कर्मचारी को तुरंत बहाल किया जाए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके साथ ही बिजली बोर्ड के शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए। वह शनिवार को फोरम की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
बैठक का संचालन इकाई सचिव बीएस राणा ने किया। बैठक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगत सिंह ने भी संबोधित किया। सभी पेंशनरों ने विद्युत बोर्ड नादौन में हाल ही में एक कर्मचारी के निलंबन पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में स्टाफ की कमी के कारण कर्मचारियों की जान जा रही है। सरकार से जान गंवाने वाले विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दे और परिवार के सदस्य को एक महीने के अंदर रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएं, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके।
बैठक की शुरुआत में पेंशनर सुभाष सूद, सेवानिवृत्त अधीक्षक ओम प्रकाश आचार्य और ईश्वर दास के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। कटोच ने कहा कि केंद्र सरकार ने 8वां वेतन आयोग गठित करने का फैसला लिया है। मगर प्रदेश सरकार अभी पिछले (सातवें) वेतन आयोग की सिफारिशों को भी लागू नहीं कर पाई है।
पेंशनर फोरम ने एक जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनर्स की लंबित देनदारियों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई। बैठक में पेंशनर्स फोरम ने सरकार से डीए एरियर और अन्य लंबित भुगतान जल्द करने की अपील की। अन्यथा, पेंशनर्स फोरम ने स्पष्ट किया कि पेंशनर्स इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने में संकोच नहीं करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ पेंशनर्स सीता राम नाग, घनश्याम शर्मा, दुलो राम, सुरिंदर शर्मा, राजा राम, सुरिंदर अवस्थी, विनोद शर्मा, दीपू राम, कुलदीप शर्मा, दलीप सिंह और संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे।