पालमपुर (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा के किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने विशेष कृषि परामर्श जारी किया है। जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि यदि किसान समय और मौसम की मांग के अनुसार सब्जियों की बिजाई और पनीरी तैयार करें, तो वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
वर्तमान में जिले की एक लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से केवल छह प्रतिशत पर ही सब्जियों की खेती हो रही है, जिसे सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग से बढ़ाया जा सकता है। डॉ. कुलदीप धीमान के अनुसार फरवरी के दूसरे पखवाड़े में तापमान बढ़ने के साथ ही मिर्च, शिमला मिर्च, बैंगन और टमाटर की पौध (पनीरी) तैयार करने का सबसे उपयुक्त समय है।
उन्होंने सलाह दी कि कद्दू वर्गीय फसलों जैसे घीया, तोरी, करेला और खीरे की पौध खुले खेत के बजाय पॉलीट्यूब में तैयार करना अधिक लाभकारी रहता है। उन्होंने कहा कि समय और मौसम के अनुरूप की गई सब्जियों की बुआई से किसान अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
पॉलीहाउस और वैज्ञानिक विधि से तैयार करें पनीरी
उपनिदेशक ने स्पष्ट किया कि अभी तापमान कम होने के कारण खुले खेतों में बीजों का अंकुरण ठीक से नहीं हो पाता। इसलिए फरवरी में सब्जियों की बिजाई केवल पॉलीहाउस या पॉलीटनल के भीतर ही की जानी चाहिए। अच्छी पौध तैयार करने के लिए किसानों को तकनीकी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। उन्होंने पनीरी के लिए क्यारी लगभग 3 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी और 15 सेंटीमीटर ऊंची होनी चाहिए। इस ऊंचाई वाली क्यारी से सिंचाई, निराई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण में काफी सुविधा रहती है।